hindi poems on life struggle

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Hindi Poem on Life Struggle-Safar

सफ़र

सफ़र पर निकल पड़ो मन में संकल्प लेकर
चाहे अमावस की रात हो या पूनम का चांद
चाहे आये तुफान या तनी हों बन्दूकें
ना डरना है ना गिरना है ना भागना है
डरना क्यों आत्मविश्वास जब बलवान है
मुस्कुराके आगे बढ़ते रहो हिम्मत न हारो
असफलता एक चूनौती है, स्वीकार करो
नीद चैन को संघर्ष पथ पर, बलिहार करो
लगे रहो जब तक न सफलता साथ हो
हमेशा हर समय बस लक्ष्य की ही बात हो

-दीपान्जली
दीपा रामदास शिंपी नवसारी गुजरात
3/12/2019


Hindi Poem on Life-Zindagi

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ज़िन्दगी सांसों की गुलाम क्यों है?
हुकूमतें सहती, सुबह शाम क्यों है?
हर लम्हा बताता है, हम हैं तो तुम हो
कैसे गुमान करें, ज़िन्दगी हैरान क्यों है?

अटकती है, चलती है, रुकती है कभी
भारी ज़िन्दगी पे खुले आम क्यों है?

-अविनाश

Zindagi sanson ki gulaam kyo hai?

Hukumatein sehti, subah-sham kyo hai?

Har lamha batata hai, ham hain to tum ho

Kaise gumaan karein, zindagi hairan kyo hai?

Atakti hai, chalti hai, rukti hai kabhi

Bhaari zindagi pe khule aam kyo hai?

-Avinash (Poet)